शेर-ओ-शायरी

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दी जिसने अहले-होश को तरगीबे-मैकशी,
मेरा ख्याल है कि गमे - रोजगार था।

-अब्दुल हमीद'अदम'

1.अहले-होश - होशमंद, समझदार 2. तरगीबे-मैकशी - मदिरापान की प्रेरणा
3.गमे–रोजगार - रोज-रोज के गम या तकलीफे

 

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दे रहे हैं मय वह अपने हाथ से,
अब यह शै इंकार के काबिल नहीं।

-'जलील' मानिकपुरी

 

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नासेह, हमारी तौबा में कुछ शक नहीं मगर,
शाना हिलाएं आके घटाएं तो क्या करें।

-'अख्तर' शीरानी


1.नासेह - सदुपदेशक, धर्माचार्य 2.तौबा - परहेज 3. शाना - कंधा

 

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नहीं है ताब गमे-जिन्दगी उठाने की,
बता दे राह कोई अब शराबखाने की।

-अब्दुल गफ्फार

1. ताब - ताकत, शक्ति, सहनशक्ति

 

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