शेर-ओ-शायरी

   मज़हब  (Religion) 

मजहब क्या है, राहें मुख्तलिफ हैं एक मंजिल की,
मंजिल क्या है, जहाँ सब कुछ है मगर राहें नहीं है।

-अफसर मेरठी

1.मुख्तलिफ - पृथक-पृथक, अलग-अलग
 

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हम क्या कहें किसी से क्या है तरीक अपना,
मजहब नहीं है कोई, मिल्लत नहीं है कोई।

-मिर्जा गालिब

1.तरीक - मार्ग, रास्ता
 

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