शेर-ओ-शायरी

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मुहब्बत के लिये दिल ढूंढ़ कोई टूटने वाला,
यह वो मय है जिसे रखते हैं नाजुक आबगीनों में।
-मोहम्मद इकबाल


1.मय - शराब

2.आबगीना - बहुत ही बारीक और नाजुक काँच से बनी बोतल

 

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मुहब्बत को समझना है तो नासेह खुद मुहब्बत कर,
किनारे   से कभी  अन्दाज-ए तूफाँ  नहीं होता।


 

1. नासेह-नसीहत करने वाला, सदुपदेशक, उपदेश देने वाला  

 

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मुहब्बत क्या है तासीरे-मुहब्बत किसको कहते है,
तेरा मजबूर कर देना, मेरा मज्बूर हो जाना।
-जिगर मुरादाबादी


1. तासीर - प्रभाव, असर
 

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मुहब्बत क्या है दिल का बेकसो-मजबूर हो जाना,
सुकूनो-जब्त की मंजिल से कोसों दूर हो जाना।

-दिल शाहजहाँपुरी


1.सुकूनो-जब्त - चैन और सब्र
 

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