शेर-ओ-शायरी

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यह हमी हैं कि तेरा दर्द छुपाकर दिल में,
काम दुनिया के बदस्तूर किए जाते हैं।
-सबा अगबराबादी


1. बदस्तूर - पहले की तरह, पहले जैसा था वैसा ही, यथावत, यथापूर्व

 

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यही हुस्नो-इश्क का राज है कोई राज इसके सिवा नही
जो खुदा नहीं तो खुदी नही, जो खुदी नहीं तो खुदा नहीं।
-जिगर मुरादाबादी


1.खुदी - (i) यह भाव की हम हैं (ii) अहंकार, अभिमान, घमंड

 

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यही कहकर अजल को कर्जख्वाहों की तरह टाला,
कि लेकर आज कासिद, यार का पैगाम आयेगा।

-शाद अजीमाबादी


1.अजल - मृत्यु 2.कर्जख्वाह - कर्ज लेने वाला, ऋणेच्छुक
3.कासिद - डाकिया, पत्रवाहक 4.पैगाम - संदेश
 

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यारब वो न समझे हैं न समझेंगे मेरी बात,
दे और दिल उनको जो न दे मुझको जुबां और।

-मिर्जा गालिब

 

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