शेर-ओ-शायरी

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वहीं लुट गया कारवाने-हयात,
जहाँ से तेरा गम जुदा हो गया।

-रविश सिद्दकी


1.कारवाने-हयात - जीवन का कारवाँ
 

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वादा करके और भी आफत में डाला आपने,
जिन्दगी मुश्किल थी, अब मरना भी मुश्किल हो गया।

-जलील मानिकपुरी
 

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वादिए-उल्फत में देखी हमने कब मंजिल की शक्ल,
गिर पड़े, गिर कर उठे, उठ कर संभलते ही रहे।

-नूह नारवी


1.वादी - (i) घाटी, पहाड़ के नीचे का मैदान (ii) मैदान, वन

2. उल्फत - मुहब्बत

 

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वारस्ता इससे है कि मुहब्बत ही क्यों न हो,
कीजे हमारे साथ, अदावत ही क्यों न हो।
पैदा हुई है, कहते हैं हर दर्द की दवा,
यूँ हो तो चारा-ए-गमे-उल्फत ही क्यों न हो।
उस फित्ना-खू के दर से अब उठते नहीं 'असद'
इसमें हमारे सर पै कयामत ही क्यों न हो?

-मिर्जा गालिब


1.वारस्ता - आजाद, मुक्त 2. चारा-ए-गमे-उल्फत- मुहब्बत के गम की दवा 3. अदावत - दुश्मनी 4. फित्ना-खू - लड़ाकू  आदत वाली प्रेमिका,
बेरुखी दिखलाने वाली माशूका   5.दर - दरवाजा, दहलीज

 

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