शेर-ओ-शायरी

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सब न मिलने तक की बातें थीं, जब आकर मिल गये,
सारे शिकवे मिट गये, सारा गिला जाता रहा।

-अख्तर शीरानी
 

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सबसे बेहतर मैं कि मेरा जिक्र उस महफिल में है,
मुझसे बेहतर वह कि जिसकी याद उसके दिल में है।

-नातिक लखनवी
 

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सब्र करना सख्त मुश्किल है, तड़पना सहल है,
अपने बस का काम कर लेता हूं, आसां देखकर।
-यास और यगाना चंगेजी
 

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समझे थे तुमसे दूर निकल जायेंगे कहीं,
देखा तो हर मकाम तेरी रहगुजर में है।
-जिगर मुरादाबादी


1.रहगुजर - मार्ग, रास्ता

 

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