शेर-ओ-शायरी

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हर इक बात पै कहते हो तुम कि तू क्या है
तुम्हीं कहो कि यह अन्दाजे-गुफ्तगू क्या है

न शोले में यह करिश्मा, न बर्क में यह अदा
कोई बताओ कि वह शोखे-तुंदखू क्या है

ये रश्क है कि होता है हमसुखन तुमसे
वगर्ना खौफे - बदआमोजिए- अदू क्या है

-मिर्जा गालिब


1.बर्क - बिजली 2.शोख - चंचल, चपल, चुलबुला 3. तुंद- तीव्र, प्रचंड, तेज,
4.खू- स्वाभाव, आदत 5.रश्क - ईर्ष्या, किसी को हानि पहुंचाये बिना उस जैसा बनने की भावना 6.हमसुखन - (i) साथ -साथ बातें करने वाले (ii) साथ-साथ कविता करने वाले 7.खौफे - बदआमोजिए अदू - दुश्मन द्वारा बुरी शिक्षा मिलने का डर
 

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हर उजाले पै अंधेरे का गुमां होने लगा

शामे-गम है मेरी सुबहे-जिन्दगी तेरे बगैर।
-मिर्जा गालिब


1.गुमां - शंका, शुबह, शक

 

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हर एक दुख का मदावा भी मोहब्बत
मोहब्बत मुस्तकिल आजार भी है।

-गोपाल मित्तल


1.मदावा - इलाज 2.मुस्तकिल - चिरस्थायी, पाइदार

3.आजार - बीमारी, रोग
 

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हर कली गुलशने-तमन्ना की मुस्कुराकर जवाँ हो जाती

आप होते जो मेहरबाँ मुझ पर, जिन्दगी मेहरबाँ हो जाती।
-मुनव्वर अमरोही

 

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