शेर-ओ-शायरी

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      इधर आ सितमगर हुनर आजमायें,

       तू तीर आज्मां, मैं जिगर  आजमाऊँ।

 

    1.सितमगर - जुल्मी, अत्याचारी

 

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इन बेनियाजियों पै दिल है रहीने- शौक,
क्या जाने इसको क्या हो, जो परवा करे कोई।
-त्रिलोकचन्द महरूम


1.बेनियाजी - उपेक्षा, अनदेखी, बेरूखी

2. रहीने-शौक - उत्साहित, लालायित

 

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इन्तिहा-ए-करम वह है कि जहाँ,
बेगुनाही गुनाह बन जाये।

-दिल शाहजहांपुरी


1.इन्तिहा - (i) आखिरी हद, छोर (ii) पराकाष्ठा, चरम सीमा (iii) अत्यधिक, बहुत जियादा 2.करम - दया, कृपा, मेहरबानी

 

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इब्तिदा में हर मुसीबत पर लरज जाता था दिल,
अब कोई गम इम्तिहाने-इश्क के काबिल नहीं।
मुझको वो लज्जत मिली एहसास मुश्किल हो गया,
रहते-रहते दिल में, तेरा दर्द भी दिल हो गया।

-सिकन्दर अली वज्द
 

1.इब्तिदा - आरम्भ, शुरू

 

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