शेर-ओ-शायरी

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उनकी फितरत है कि मुझको भूल जाते हैं वह,
मेरी आदत है कि उनको याद कर लेता हूँ मैं।

-हफीज जालंधरी

 

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उनके आने की बंधी थी आस जब तक हमनशीं,
सुबह हो जाती थी अक्सर जानिबे - दर देखते।
-असर लखनवी


1.हमनशीं - साथ बैठने वाला, मित्र 2.जानिबे–दर - दरवाजे की ओर

 

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उनको आता है प्यार पर गुस्सा,
हमको गुस्से पर प्यार आता है।
-जिगर मुरादाबादी

 

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उनको देखे से जो आ जाती है मुंह पर रौनक,
वह समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है।
हमको मालूम है जन्नत की हकीकत लेकिन,
दिल को खुश रखने को 'गालिब' ये ख्याल अच्छा है।

-मिर्जा गालिब
 

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