शेर-ओ-शायरी

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उस एक शब के सहारे कट रही है हयात,
वो एक शब जो तेरी महफिल में गुजार आये।

-आर्जू लखनवी


1.शब - रात 2.हयात - जिन्दगी
 

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उसके लिये तो हाथ उठाना भी है गुनाह,
जिसकी दुआ हों आप, वो फिर क्या दुआ करे।

-शाद अजीमाबादी


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उसके बगैर भी तो 'अदम' कट गई हयात,
उसका खयाल उससे जियादा जमील था।
-अब्दुल हमीद अदम


1.हयात - जिन्दगी 2.जमील - सुन्दर, रूपवान, हसीन

 

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एक तुम हो कि हमको नंगे-महफिल कहते जाते हो,
और एक हम हैं कि तुमको जीनते-महफिल समझते हैं।
-शौकत थानवी


1.नंगे-महफिल -महफिल की शान कम करने वाला

2. जीनते-महफिल - महफिल की रौनक या शोभा

 

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