शेर-ओ-शायरी

<< Previous  मोहब्बत (Love)  Next >>

अपना तो आशिकी का किस्सा-ए-मुख्तसर है,
हम जा मिले खुदा से दिलबर बदल-बदल कर।


1.मुख्तसर - संक्षिप्त

 

*****

अपनी कमजर्फी का गम है और काई गम नहीं,
दिल से तेरा गम न संभला, मुझको है बस ये मलाल।

-कृष्ण मोहन 'मोहन'


1.कमजर्फी- छोटापन, तंगदिली 2.मलाल- (i) अफसोस (ii) कष्ट, तकलीफ


*****

अपनी गली में मुझको न कर दफ्न बादे-कत्ल,
मेरे पते से खल्क को क्यों तेरा घर मिले।

-मिर्जा गालिब


1.खल्क - जनता, अवाम

 

*****
अपनी नजर से तूने हमें क्या गिरा दिया,
सारे जहाँ के दिल से, नजर से गिरा दिया।

-पारसा कौसरी
 

*****

 

 << Previous   page -1-2-3-4-5-6-7-8-9-10-11-12-13-14-15-16-17-18-19-20-21-22-23-24-25-26-27-28-29-30-31-32-33-34-35-36-37-38-39-40-41-42-43-44-45-46-47-48-49-50-51-52-53-54-55-56-57-58-59-60-61-62-63-64-65-66-67-68-69-70-71-72-73-74-75-76-77-78-79-80-81-82-83-84-85-86-87-88-89-90-91-92-93-94-95-96-97-98-99-100-101-102-103-104-105-106-107-108-109-110-111-112-113-114-115-116-117-118-119-120-121-122-123-124-125-126-127-128-129-130-131-132-133-134-135-136-137-138-139-140-141-142-143-144-145-146-147-148-149-150-151-152-153-154-155-156-157-158-159-160   Next >>