शेर-ओ-शायरी

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कहीं मर न जायें सितम सहने वाले,
तगाफुल में थोड़ी-सी तख्फीफ फरमा।

-अब्दुल हमीद अदम


1.सितम - जुल्म, अत्याचार 2.तगाफुल - बेतवज्जुही, उपेक्षा, बेपर्वाई

 3.तख्फीफ - कमी


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कहीं धब्बा न लग जाये तेरी बन्दानवाजी पर,
हमें भी देख मुद्दत से तेरी महफिल में रहते हैं।
-आजाद बारानवी


1.बन्दानवाजी - अपने चाहने वालों पर इनायत, अपने सेवकों और भक्तों पर कृपादृष्टि

 

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कांटों का भी हक है आखिर,
कौन छुड़ाए दामन अपना।
-जिगर मुरादाबादी

 

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कांटों से  मुहब्बत  करते हैं,किरदार तो देखो  फूलों का,

जख्मों से कलेजा फट जाये, पर साथ निभाना  पड़ता है।

 

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