शेर-ओ-शायरी

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अपनी बर्बादियों का रंज नहीं लेकिन,
तेरी तन्हाइयों का क्या होगा।

-हसन कमाल

 

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अपनी मख्मूर निगाहों को न दो इज्ने-खिराम,
बढ़ गई और अगर प्यास तो फिर क्या होगा।

-शायर लखनवी


1. मख्मूर - मस्त, नशीली, मादक, नशे में चूर, मदोन्मत्त
2
.  इज्ने-खिराम - जाने की इजाजत


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अपनी रूसवाई का गम था जब हमें, वो दिन गये,
अब तो यह गम है कि ऐसी फिर न रूसवाई हुई।

-नातिक गुलगवठी

 

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अपने मरने का गम नहीं लेकिन,
हाय तुमसे जुदाई होती है।

-मिर्जा गालिब
 

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