शेर-ओ-शायरी

<< Previous  मोहब्बत (Love)  Next>>

खिज्रे-मंजिल से कम नहीं ऐ दोस्त,
एक हमदर्द अजनबी का खुलूस।

-रविश सिद्दकी


1.खिज्रे-मंजिल - मंजिल का रास्ता दिखाने वाला 2. हमदर्द - गमख्वार, गमगुसार, दुखदर्द बांटने वाला 3. खुलूस - सच्चा प्यार

 

*****


खुद मेरी जौके-असीरी ने मुझे रखा असीर,
उसने तो कैदे-मुहब्बत से किया आजाद भी।
-असर लखनवी


1.जौके-असीरी - कैद होने या क़ैद में रहने का शौक 2.असीर - कैदी

 

*****


खुदा का काम है यूँ तो मरीजों को शिफा देना,
मुनासिब हो तो इक दिन हाथों से अपने दवा देना।
-अजीज लखनवी


1.शिफा - रोगमुक्ति

 

*****

 

खुदा के वास्ते दाद इस जुनूने-शौक को देना
कि उसके दर पै पहूँचते हैं नामाबर से आगे।

-
मिर्जा गालिब


1.नामाबर - डाकिया, पत्रवाहक
 

*****

 

<< Previous  page -1-2-3-4-5-6-7-8-9-10-11-12-13-14-15-16-17-18-19-20-21-22-23-24-25-26-27-28-29-30-31-32-33-34-35-36-37-38-39-40-41-42-43-44-45-46-47-48-49-50-51-52-53-54-55-56-57-58-59-60-61-62-63-64-65-66-67-68-69-70-71-72-73-74-75-76-77-78-79-80-81-82-83-84-85-86-87-88-89-90-91-92-93-94-95-96-97-98-99-100-101-102-103-104-105-106-107-108-109-110-111-112-113-114-115-116-117-118-119-120-121-122-123-124-125-126-127-128-129-130-131-132-133-134-135-136-137-138-139-140-141-142-143-144-145-146-147-148-149-150-151-152-153-154-155-156-157-158-159-160      Next>>