शेर-ओ-शायरी

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जब तक मिले न थे जुदाई का था मलाल,
अब ये मलाल है कि तमन्ना निकल गई।

-अब्राहम ज़ौक़
 

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जब पुरसिशे-हाल वह करते हैं, क्या जानिए क्या हो जाता है,
कुछ यूं ही जुबान नहीं खुलती, कुछ दर्द सिवा हो जाता हैं।

-फ़ानी बदायुनी


1.पुरसिशे-हाल - हाल पूँछना 2.सिवा - अधिक, बढ़ना

 

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जब वह नजरों से दूर होते हैं,
फिर कहीं रौशनी नहीं होती।
-साजन पेशावरी
 

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जब वह मेरे करीब होते हैं खाक जलकर रकीब होते हैं,
रश्क आता है उस मुकद्दर आप जिसके हबीब होते हैं।
-माइल देहलवी


1.रकीब - किसी स्त्री से प्यार करने वाले दो व्यक्ति परस्पर
 रकीब होते हैं
2.रश्क - ईर्श्या, किसी को हानि पहुंचाये बगैर उस जैसा बनने की भावना 3.हबीब - (i) मित्र, सखा, दोस्त(ii) माशूक

 

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