शेर-ओ-शायरी

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तेरे और उसके दरमियाँ, तेरी खुदी हिजाब है,
अपना निशान खोयेजा, उसका निशान पायेजा।

-अख्तर शीरानी


1.खुदी - अहंकार, घमंड, अहंभाव, यह भाव कि बस हमीं हम हैं,अभिमान 2.हिजाब - पर्दा

 

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तेरे करीब रहके भी दिल मुतमइन न था,
गुजरी है मुझपै यह भी कयामत कभी-कभी।
-नासिर काजिमी
 

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तेरे कूचे में सब पर फूल बरसे,
मगर हम एक पत्थर को भी तरसे।
 

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तेरे खुलूस ने बर्बाद कर दिया ऐ दोस्त,
फरेब खाते तो अब तक संभल गये होते।
1.खुलूस - प्यार, मुहब्बत


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