शेर-ओ-शायरी

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दिल में कमी कुछ ऐसी महसूस हो रही है,
नजदीक आके जैसे बहुत दूर हो गये हैं ।
-अब्दुल हमीद अदम
 

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दिल रख दिया है सामने लाकर खुलूस से,
अब आगे इसके काम तुम्हारी नजर का हैं।
-जिगर मुरादाबादी


1.खुलूस - स्वाभाव की सरलता, सत्यता, सच्चाई,निष्कपटता

 

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दिल से उतर गईं हैं दुनिया की सूरतें सब ,
ऐसा चढ़ गया है कोई मेरी निगाह में।

-अनवर अनूपशहरी
 

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दिल है कदमों पै किसी के सर झुका हो या न हो,
बंदगी तो अपनी फितरत है, खुदा हो या न हो।

-जिगर मुरादाबादी
 

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