शेर-ओ-शायरी

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पैदा हुई है कहते हैं हर दर्द की दवा,
यूँ हो तो चारा-ए-गमे-उल्फत ही क्यों न हो।
-मिर्जा गालिब


1.चारा - इलाज, दवा, उपचार 2.उल्फत - प्यार, मुहब्बत

 

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फना होने में सोजे-शम्अ की मिन्नतकशी कैसी,
जले जो आग में अपनी उसे परवाना कहते हैं।

-नजर लखनवी


1.मिन्नतकशी-मिन्नत्तें करना 2.सोज - जलन, तपिश, ताप

 

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फरियाद कर रही है यह तरसी हुई निगाह,
देखे हुए किसी को जमाना गुजर गया।

-'रजा' लखनवी
 

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फिर गये आप मेरे कूचे से,
दो कदम पै गरीबखाना था।
-असर अजीमाबादी


1. कूचा - गली

 

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