शेर-ओ-शायरी

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बंदा तो इस करार पै बिकता है तेरे हाथ,
लेना है अगर मोल तो आजाद न करना।

-नज्म तबातबाई


1.करार - (i) सान्त्वना, ढाढ़स (ii) प्रतिज्ञा, इकरार (iii) चैन, आराम
बगैर इश्क खराबाते- जिन्दगी है तारीक,

 

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बगैर इश्क खराबाते- जिन्दगी  है  तारीक
अगर यह शम्ए-फरोजाँ नहीं तो कुछ भी नहीं।
-रविश सिद्दकी


1.खराबात - मधुशाला, मदिरालय 2.तारीक - अंधकारमय, अंधियारा
3.फरोजाँ - प्रकाशमान, रौशन, रोशनी फैलाने वाली/वाला

 

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बजा है जब्त भी लेकिन मुहब्बत में कभी रो ले,
दबाने के लिये हर दर्द ऐ नादाँ नहीं होता।
-फिराक गोरखपुरी


1.बजा - उचित, मुनासिब, सही 2.जब्त - सहनशीलता, बर्दाश्त

 

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बड़े नाफहम हैं वह जो उन्हें कातिल समझते हैं ,
हम उनकी दिलसिताई को हयाते-दिल समझते हैं।
मजालिम ही सही वाबस्तगी तो उनसे कायम है,
गनीमत है कि वह हमको किसी काबिल समझते हैं।

-अहसन मारहरवी


1.नाफहम -मूर्ख, नासमझ, जो बात न समझ सके 2. दिलसिताई-

नाजो- अंदाज 3.हयात - जिंदगी 4. मजालिम - अत्याचार, ज्यादतियां , जुल्म 5. वाबस्तगी - (i) बंधन, संपर्क, संबंध (ii) प्रेम, अपनापन
 

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