शेर-ओ-शायरी

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बाकी है लहू दिल में तो हर अश्क से पैदा,
रंगे - लबो- रूखसारे – सनम करते रहेंगे।
इक तर्जे - तगांफुल है सो उनको मुबारक,
इक अर्जे –तमन्ना है सो हम करते रहेंगे।

-फैज अहमद फैज


1. लब -ओष्ठ, होंठ 2.रूखसार -गाल, कपोल 3. सनम -महबूबा, माशूक

4.तर्जे –तगांफुल - उपेक्षा या बेतवज्जुही के अंदाज
 

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बाज-औकात इक हसीन चेहरा यूँ निगाहों में मुस्कुराता है,
अब्रेबारां की ओट में जैसे चाँद रह-रह के झिलमिलाता है।

-महेशचन्द 'नक्श'


1.बाज-औकात - कभी-कभी 2. अब्रेबारां - वर्षाकाल के बादल

 

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बात हो लेन-देन की जिसमें,
वह तो बनियों का इश्क है।
-फिराक गोरखपुरी
 

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बार-बार उसके दर पै जाता हूँ,
हालत अब इज्तिराब की-सी है।
-मीरतकी मीर


1.इज्तिराब - व्याकुलता, बेचैनी, बेकरारी, बेताबी

 

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