शेर-ओ-शायरी

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नकाब कहती है मैं पर्दा-ए-कयामत हूँ,
अगर यकीं न हो तो देख लो उठा के मुझे।
-'जलील' मानिकपुरी


1.नकाब - मुखवरण, मुखपट, पर्दा, बुर्का

 

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नकाब उनके चेहरे का सरका है शायद,
बड़ी दूर तक बर्क लहरा नहीं है।
-अब्दुल हमीद 'अदम'


1.बर्क - बिजली, सौदामिनी, , तड़ित, चंचला

 

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नकाबे-रूख उलटने तक तो मुझको होश था लेकिन,
भरी महफिल मं उसके बाद क्या गुजरी खुदा जाने।

-सईद अहमद खां
 

1. नकाबे-रूख - मुखावरण ,मुखपट, पर्दा

 

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नहीं है राज कोई राज दीदावर के लिये,
नकाब पर्दा नहीं शौक की नजर के लिये।
-आर्श मल्सियानी


1.दीदावर - जोहरी, पारखी, किसी चींज के गुण-दोष को
अच्छी तरह समझने वाला

 

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