शेर-ओ-शायरी

   नेकनीयती (Goodness of intentions)  

कुछ लग्जिशों से काम जहाँ के संवर गये,
कुछ जुरअतें हयात पै इल्जाम बन गईं।

-'बाकी' सिद्दकी


1.लग्जिश - (i) फिसलन (ii) त्रुटि, भूल, गलती (iii) अपराध, कुसूर

2. जुरअत - (i) साहस, हिम्मत (ii) उत्साह, हौसला (iii) घृष्टता, दुसाहस, बेबाकी 3.हयात - जिन्दगी 4. इल्जाम - (i) दोष, अपराध, जुर्म (ii) कोई बात अपने ऊपर या दूसरे पर आरोपित करना
 

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चमन में खेलती रहती है, हर गुन्चा-ओ-गुल से,
मगर बादे-सबा की पाकदामानी नहीं जाती।


1.गुन्चा - कली 2.गुल - फूल 3.बादे-सबा - सुबह चलने वाली पुर्वा हवा 4.पाकदामानी - पवित्रता, सतीत्व

 

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