शेर-ओ-शायरी

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सुनते हैं कि कांटों से गुल तक हैं राह में लाखों वीराने,
कहता है मगर यह अज्मे-जुनूं सहरा से गुलिस्ताँ दूर नहीं।
-अख्तर-उल-ईमान


1. अज्म - (i) संकल्प, दृढ़ निश्चय, इरादा (ii) इच्छा, ख्वाहिश

 

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हमने कांटों को भी नरमी से छुआ है लेकिन,
लोग बेदर्द हैं फूलों को मसल देते हैं।

 

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