शेर-ओ-शायरी

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जो सच पूछो तो दुनिया में फकत रोना ही रोना है,
जिसे हम जिन्दगी कहते हैं, कांटों का बिछौना है।

-'अख्तर' अंसारी
 

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जोशे-तूफां, शोरे-दरिया, बर्के-लर्जां, बादे-तुन्द,
कश्ती-ए-उम्रे-रवां यारब बड़ी मुश्किल में है।


1.जोशे-तूफां - तूफान का जोर या आवेग या उफान 2.बर्के-लर्जां - कौंधती बिजली
3.बादे-तुन्द-तेज या प्रचंड हवा 4.कश्ती-ए-उम्रे-रवां - जीवन की बहती हुई नैया

 

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तंग आ चुके हैं कशमकशे-जिन्दगी से हम,
ठुकरा न दें जहाँ को कहीं बेदिली से हम।

-साहिर लुधियानवी


1.कशमकश- खींचातानी, आपाधापी 2.
बेदिली-मन न लगना,उदासीनता,उचाटपन

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तर्के-उम्मीद बस की बात नहीं,
वरना उम्मीद कब बर आई है।

-'फानी' बदायुनी


1.उम्मीद- त्यागना, छोड़ना 2. बर-
निकलना, प्रकट होना

(यानी सफल, कामयाब)

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तुमको अन्देशा-ए-गिरिफ्तारी है,
याँ तवक्को नहीं रिहाई की।

-शेफ्ता


1.तवक्को-आशा, उम्मीद, भरोसा

 

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