शेर-ओ-शायरी

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आंखों को बचाये थे हम अश्के-शिकायत से,
साकी के तबस्सुम ने छलका दिया पैमाना।


1.पैमाना-शराब पीने का गिलास, प्याला।

 

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आँखों में छुपाए फिर रहा हूँ,
यादों के बुझे हुए सबेरे।

-नासिर काजिमी

 

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आँखों से हाल पूछा दिल का,
एक बूंद टपक पड़ी लहू की।
मीरतकी 'मीर'

 

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आज आँसू तुमने पोछे भी तो क्या,
यह तो अपना उम्र भर का हाल है।

-'जलील' मानिकपुरी
 

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