शेर-ओ-शायरी

   रुसवाइयां (Bad name)

गैरों को क्या पड़ी है रूसवा करें मुझे,
इन साजिशों में हाथ किसी आशना का है।
गैरों पे हो रही हैं हजारों नवाजिशें,
अफसोस हम सितमके भी काबिल नहीं रहे।

1.रूसवा - बदनाम 2.आशना - परिचित, स्वजन, अपने
3.नवाजिशें - मेहरबानियाँ, इनायतें 4.सितम - जुल्म, अत्याचार

 

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बेसबब होती नहीं रूसवाइयां,
कुछ हकीकत थी तो अफसाने बने।
-कमर मुरादाबादी


1.बेसबब - बिना कारण, अकारण, बेवजह

 

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मैं इसे शोहरत कहूँ या अपनी रूसवाई कहूँ।
मुझसे पहले उस गली में मेरे अफसाने गये।

-खातिर गजनवी

 

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हुए हम जो मर के रूसवा, हुए क्यों न गर्के-दरिया,
न कहीं जनाजा उठता, न कोई मजार होता।

-मिर्जा गालिब


1.रूसवा - बदनाम 2.दरिया - दरिया में डूबना
3.जनाजा - कफन में लिपटा हुआ शव, कपड़े में लिपटी हुई लाश
4.मजार - किसी पीर- फकीर की कब्र

 

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होगा कोई ऐसा भी कि 'गालिब' को न जाने,
शायर तो बहुत अच्छा है, बदनाम बहुत है।

-मिर्जा 'गालिब'

 

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