शेर-ओ-शायरी

   सितम  (Unfairness)  Next >>

इतना तो सोच जालिम जौरो-जफासे पहले,
यह रस्म दोस्ती की दुनिया से उठ जायेगी।
-'असर' लखनवी


1.जौरो-जफा - अत्याचार, अन्याय, जुल्मो-सितम

 

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उनकी बेजा भी सुनूं, आप बजा भी न कहूं,
आखिर इन्सान हूँ मैं भी, कोई दीवार तो नहीं।

-आर्जू लखनवी

1.बेजा - अनुचित, नामुनासिब 2. बजा - उचित, मुनासिब

 

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एक तेरे छुटने का गम, एक गम उनसे मिलने का,
जिनकी इनायतों से जी और उदास हो गया।
-फिराक गोरखपुरी


1.इनायतों - मेहरबानी, कृपा, दया

 

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ऐ निगहे-दिलफरेब, यह क्या सितम कर दिया,
हौसले जब बढ़ गये, रब्त को कम कर दिया।

-'आर्जू' लखनवी


1.निगहे-दिलफरेब - निगाहों को फरेब देने वाली माशूक 2.सितम - जुल्म, अत्याचार, अन्याय, बेइन्साफी 3. रब्त - लगाव, तअल्लुक, मेल-जोल

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