शेर-ओ-शायरी

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कोई उल्फत का दीवाना, कोई मतलब का दीवाना
यह दुनिया सिर्फ दीवानों का घर मालूम होती है।
सीमाब' अकबरबादी-
 

1उल्फत - प्यार, मुहब्ब्त

 

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कोई पागल, कोई खब्ती, कोई सौदाई
महफिले-यार शफाखाना है बीमारों का।
-कौसर बारानवी
 

1खब्ती - विकृतबुद्धि 2.सौदाई - विक्षिप्त,पागल

3शफाखाना - चिकित्सालय, अस्पताल

 

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कौन - सी चोट कौन कर बैठे,
अब तो मैं हर किसी से डरता हूँ।
-मुनव्वर लखनवी
 

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क्या लाए हो खुलूसे-मुहब्बत, खुलूसे-दिल,
इस जीन्स का तो कोई भी खरीदार नहीं है।


1.खुलूसे-मुहब्बत - सच्ची या निष्कपट मुहब्बत

2. खुलूसे-दिल - निष्कपट दिल, निर्मल दिल 3.जीन्स - चीज

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