शेर-ओ-शायरी

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मल्बूस खुशनुमा हैं, मगर खोखले हैं जिस्म,
छिलके सजे हुए है, फलों की दुकान पर।


1.मल्बूस -वस्त्र, वसन, लिबास 2. खुशनुमा -जो देखने में अच्छा लगे,

नेत्र-प्रिय, प्रियदर्शन, मनोरम, सुन्दर, हसीन


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मेरा अज्म इतना बुलन्द है मुझे पराये शोलों का डर नहीं,
मुझे खौफ आतशे-गुल से है, कहीं ये चमन को जला न दें

-शकील बदायुनी


1.अज्म -साहस, हिम्मर 2. आतशे-गुल - फूल रूपी अंगारों का

 डर (यानी अपनों से डर)

 

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मैं जिसके हाथ में एक फूल देकर आया था,
उसी के हाथ का पत्थर मेरी तलाश में है।

-कृष्ण बिहारी नूर


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यह इन्किलाबे-दौरे–जमाना तो देखिए,
मंजिल पै वो मिले जो शरीके-सफर न थे।

-अनवर साबरी


1. इन्किलाबे-दौरे–जमाना - जमाने का बदलाव, परिवर्तन या उलट-फेर,

 समय का उलट-फेर 2. शरीके-सफर - सफर में शामिल

 

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