शेर-ओ-शायरी

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राहबर रहजन न बन जाए कहीं इस सोच में,
चुप खड़ा हूँ भूलकर रस्ते में मंजिल का पता।

-आरजू लखनवी


1.राहबर - रास्ता दिखानेवाला, पथप्रदर्शक 2. रहजन - लुटेरा, डाकू,रास्ते में पथिकों को लूट लेने वाला


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लूट लेता हैं वही राह में मौका पाकर,
बात अक्सर जो किया करता है रहबर जैसे।


1.रहबर - रास्ता दिखाने वाला, पथप्रदर्शक
 

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लोग लोगों का खून पीते हैं,
हमने तो सिर्फ मैकशी की है।

-नरेश कुमार शाद


1.मैकशी - मदिरापान, शराब पीना


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वफा-ओ-मेहर-ओ-मुहब्बत सदाकतो-इंसाफ,
खबर नहीं है कि ये बातें हैं किस जमाने की।


1.मेहर - दया, रहम, करूणा, तरस 2. सदाकत- सच्चाई ,सत्यता
 

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