शेर-ओ-शायरी

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सुनेगा कौन मेरी चाकदामानी के अफसाने,
यहाँ सब अपने-अपने पैरहन की बातें करते हैं।


1.चाकदामानी - दामन का तार-तार होना या फटना (यानी दुख, तकलीफ, परीशानियाँ) 2.पैरहन - वस्त्र, वसन, लिबास


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हजारों नग्मा -ए- दिलकश मुझे आते हैं ऐ बुलबुल,
मगर दुनिया की हालत देखकर चुप हो गया हूँ मैं।

-आसी उल्दानी

 

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हमको राहे-जिन्दगी में इस कदर रहजन मिले,
रहनुमा पर भी गुमाने–रहनुमा होता नहीं।

-अर्श मल्सियानी


1.रहजन – लुटेरा, डाकू,रास्ते में पथिकों को लूट लेने वाला, बाटमार  2. रहनुमा - पथप्रदर्शक, रास्ता बताने वाला
5.गुमाने–रहनुमा-रास्ता दिखाने वाला होने का ख्याल


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हमने एक शाम चरागों से सजा रखी है,
शर्त लोगों ने हवाओं से लगा रखी है।

 

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