शेर-ओ-शायरी

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कौन हंस-हंस के जिया है और कौन गाता है मर्सिया,
यह तो वो बतायेंगे, जिन्होने मुस्कुराकर विष पिया है।

 

1.मर्सिया-गमों के गीत, शोकगीत


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क्या जरूरत, क्यों जफाएं बागबां तेरी सहें,
जा तुझे गुलशन मुबारक, मुझको वीराने बहुत।

- राही शिहाबी


1.जफा - जुल्म, सितम 2.बागबां- माली

 

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क्या मुस्तकिल इलाज किया दिल के दर्द का,
वह मुस्कुरा दिये, मुझे बीमार देखकर।
-अब्दुल हमीद 'अदम'


1. मुस्तकिल - (i) चिरस्थायी, पायदार, पक्का (ii) अटल, दृढ़, निश्चय


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क्यों न फिरदौस को दोजख में मिला लें यारब,
सैर के वास्ते थोड़ी - सी फिजा और सही।

-मिर्जा गालिब


1.फिरदौस - स्वर्ग, जन्नत 2. दोजख - नरक, जहन्नुम

3. फिजा - (i) खुली हुई जगह, मैदान, वातावरण, माहौल (ii) रौनक, बहार, शोभा (iii) खुली हुई हरियालीदार जगह
 

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