शेर-ओ-शायरी

<< Previous  जिंदादिली (A tendency of mind to remain happy in all situations) Next>>

गमे-दौराँ से बस इतना तअल्लुक है'अदम' मेरा,
गमे-दौराँ की जानिब मुस्करा के देख लेता हूँ।

-मिर्जा गालिब


1.तअल्लुक - सम्बन्ध 2. जानिब - ओर

 

*****

 

गमे-नाकामिये-हयात ही सही,
देने वाले ने कुछ दिया तो है।

-'मुनव्वर' लखनवी


1. गमे-नाकामिये-हयात - जीवन की नाकामियों का गम


*****


गमे-हस्ती का 'असद' किससे जुज-मर्ग इलाज,
कि शम्अ हर रंग में जलती है सहर होने तक।

-मिर्जा गालिब


1.जुज-मर्ग - मौत के अलावा 2. सहर - सुबह, सबेरा

 

*****

गमे - हस्ती के बियाबानों से,
कुछ हमीं थे जो गजलख्वाँ निकले।

-मिर्जा गालिब


1. बियाबान - जंगल, वन 2. गजलख्वाँ - गजल गाते हुए

 

*****

                 

<< Previous    page - 1-2-3-4-5-6-7-8-9-10 -11-12-13-14-15-16-17-18-19-20-21-22-23-24-25-26-27-28- 29-30-31-32-33-34-35-36-37-38-39-40-41-42-43-44-45-46  Next>>