शेर-ओ-शायरी

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तआरूफ रोग हो जाए तो उसको भूलना बेहतर,
तअल्लुक बोझ बन जाये तो उसको छोड़ना अच्छा।
वह अफसाना जिसे तकमील तक लाना न हो मुमकिन,
उसे इक खूबसूरत मोड़ देखकर छोड़ना अच्छा।
-साहिर लुधियानवी


1.तआरूफ - एक दूसरे को पहचानना, परिचय, जान-पहचान

2.तअल्लुक - (i) स्वजनता, रिश्तेदारी (ii) संबंध, संपर्क, लगाव 3.तकमील - पूर्ति, समाप्ति


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तर्के - तअल्लुकात खुद अपना कसूर था,
अब क्या गिला कि उसको हमारी खबर नहीं।
-गोपाल मित्तल


1.तर्के-तअल्लुकात - संबंधों का त्याग
 

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तुमसे बेजा है मुझे अपनी तबाही का मिला,
इसमें कुछ शाइबए-खूबिए-तकदीर भी था।

-मिर्जा गालिब


1.बेजा - (i) अनुचित, नामुनासिब (ii) असंगत, बेतुका

2.शाइबए-खूबिए-तकदीर -तकदीर की खूबी का हाथ


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तुम्हारे महबूब हजारों होंगे, हमारे शैदा भी लाखों लेकिन,
न तुमको शिकवा, न मुझको शिकवा, गिला करोगे, गिला करेंगे।


1.शैदा - (i) मुग्ध, मोहित, आसक्त (ii) आशिक, चाहने वाला
(iii) उन्मत्त, पागल


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