शेर-ओ-शायरी

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दिल दे तो इस मिजाज का परवरदिगार दे,
जो रंज की घड़ी भी खुशी से गुजार दे।
-मिर्जा 'दाग'


1.परवरदिगार - इश्वर, परमात्मा, खुदा


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दिल नाउम्मीद तो नहीं, नाकाम ही तो है,
लंबी है गम की शाम, मगर शाम ही तो है।
-फैज अहमद फैज
 

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दिल वो रखता हूँ जो कभी उनकी,
बदमजाजी से बदमजा न हुआ।

-'नसीम' जयपुरी


1.बदमजाजी - चिडिचिड़ापन, बुरा स्वभाव, स्वभाव का गुस्सैल होना

2. बदमजा - (i) खिन्न, मलिन, उदास, अफ्सुर्दा (ii) जिसमें

स्वाद न हो, कुस्वाद


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दुनिया से यास जाने को दिल चाहता नहीं,
वल्लाह क्या कशिश है इस उजड़े दियार में।

-यगाना चंगेजी


1.वल्लाह - खुदा की कसम, ईश्वर की शपथ 2. कशिश - आकर्षण,

 दिलकशी, खिंचाव 3. दियार - स्थान, मुकाम
 

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