शेर-ओ-शायरी

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नहीं है इताबे-जमाना खिताब के काबिल,
तेरा जवाब यही है कि मुस्कराये जा।


1.इताब - कोप, क्रोध, गुस्सा 2. खिताब - उपाधि, मान्यता


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निगाहे-शौक को शाखे-निहाले-गुल की तलाश,
हवाए-ए-तुन्द की यह जिद कि आशियाँ न बने।

-'दिल' शाहजहाँपुरी


1.शौक - चाह, चाहत, अभिलाषा, उत्कंठा 2. शाखे-निहाले-गुल - फूलों से लदी हरी-भरी टहनी या डाली 3. हवाए-ए-तुन्द – तेज हवा, झक्कड़,

झंझावात, आँधी 4. आशियाँ - घोंसला
 

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निशेमन जलने का हम क्यों असर लें,
मिला जब वक्त फिर तामीर कर लेंगे।


1.निशेमन - घोंसला, नीड़ 2. तामीर - निर्माण, बनाना


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पजमुर्दा होके फूल गिरा शाख से तो क्या,
वह मौत है हसीन, जो आये शबाब में।

-असर लखनवी


1. पजमुर्दा- (i) मुर्झाना, (ii) खिन्न, उदास 2. शबाब- युवावस्था, जवानी


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