शेर-ओ-शायरी

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यह हादिसे जो इक-इक कदम पै हाइल हैं,
खुद एक दिन तेरे कदमों का आसरा लेंगे।
जमाना अगर ची-ब-जबीं है तो क्या है,
हम इस इताब पै कुछ और मुस्करा लेंगे।

-रविश सिद्दकी


1.हाइल - बीच में आने वाला, आड़ या बाधा बनने वाला

 2.ची-ब-जबीं - जिसके माथे पर नाखुशी के बल पड़ गये हों,

अप्रसन्न, रूष्ट, नाखुश 3. इताब- कोप, क्रोध, गुस्सा


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यारब हुजूमे-दर्द को दे और वुसअतें,
दामन तो क्या अभी मेरी आंखें भी नम नहीं।

-'जिगर' मुरादाबादी


1.यारब - यारों 2.वुसअत - (i) विस्तार, फैलाव, लम्बाई चौड़ाई

(ii) सामर्थ्य, शक्ति, ताकत

 

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ये न थी हमारी किस्मत कि विसाले-यार होता,
अगर और जीते रहते, यही इन्तिजार होता।
तेरे वादे पै जिये हम तो यह जान झूठ होता,
कि खुशी से मन न जाते अगर एतबार होता।

-मिर्जा गालिब


1.विसाल - मिलन, मेल, संयोग


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रंगीनिए - हयात बढ़ाने के वास्ते,
पड़ती है हादसों की जरूरत कभी-कभी।


1.-हयात - जिन्दगी, जीवन


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