शेर-ओ-शायरी

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कोई सोता हो जैसे डूबती कश्ती के तख्ते पर,
अगर कुछ है तो बस इतनी ही दुनिया की हकीकत है।


1. कश्ती - नाव, नौका

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कौन है यह नाशनासे-लज्जते-तूफाने-गम,
डूबने वालों को साहिल से सदा देने लगा।
-त्रिलाकचन्द महरूम


1.नाशनास - न पहचानने वाला, अपरिचित 2. लज्जत - (i) स्वाद, मजा (ii) आनन्द, लुत्फ 3.साहिल - तट, किनारा


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खयाले-तामीर के असीरों,करो न तखरीब की बुराई,
बगौर देखो तो दुश्मनी के करीब ही दोस्ती मिलेगी।
-'अर्श' मल्सियानी


1.तामीर - निर्माण, रचना, इमारत बनाना 2. तखरीब - (i) तामीर का उल्टा, बरबादी, विनाश, विध्वंस (ii) बिगाड़, खराबी 3.बगौर - ध्यान से

 

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खलिश ने दिल को मेरे कुछ मजा दिया ऐसा,
कि जमा करता हूँ मैं खार आशियां के लिये।
-त्रिलोकचन्द महरूम


1.खलिश - (i) चुभन, दर्द की टीस (ii) चिन्ता, फिक्र, उलझन

2.खार - कांटा

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