शेर-ओ-शायरी

<< Previous  ज़िन्दगानी (Life)  Next>>

जिन्दगी क्या जो बसर हो चैन से,
दिल में थोड़ी.सी तमन्ना चाहिए।

-'जलील' मानिकपुरी

*****

 

जिन्दगी तो गई शबाब के साथ,
जिन्दगी का खुमार बाकी है।

-फिराक गोरखपुरी


1.शबाब - जवानी, युवावस्था

2.खुमार - नशे की उतार की अवस्था जिसमें हल्का सिरदर्द होता है।
 

*****

जिन्दगी पर डाल दी जिसने हकीकतबीं निगाह,
जिन्दगी उसकी नजर में बेहकीकत हो गई।

-'जिगर' मुरादाबादी


1.हकीकतबीं- हर बात में सच्चाई को देखने वाला 2. बेहकीकत- (i) निराधार, बेबुनियाद (ii) असत्य, झूठ, तुच्छ

 

*****
 

जिन्दगी बैठी थी अपने हुस्न पै फूली हुई,
मौत ने आते ही सारा रंग फीका कर दिया।

-हरिचन्द 'अख्तर'
 

*****

<< Previous    page -1-2-3-4-5-6-7-8-9-10-11-12-13-14-15-16-17-18-19-20-21-22-23-24-25-26-27-2829-30-31-32-33-34-35-36-37-38-39-40-41-42-43-44-45  Next>>