शेर-ओ-शायरी

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बहुत मुश्किल है कैदे-जिन्दगी में मुतमइन होना,
चमन भी इक मुसीबत था कफस भी इक मुसीबत है।

-सीमाब अकबराबादी


1.मुतमइन - (i) संतुष्ट, जिसे इत्मीनान हो (ii) निश्चिन्त, बेफिक्र

2. कफस - (i) पिंजड़ा (ii) कारागार

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बहुत हसीं सही सोहबतें गुलों की मगर,
जिन्दगी वो है जो कांटों के दरमियां गुजरे।
 

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बागे हस्ती में सबक लें फूल से अहले-नजर,
जिसने कि की उम्र तबस्सुम से बसर कांटों में।

-'कौसर'


1.अहले-नजर- पारखी, समझदार 2. तबस्सुम- मुस्कान, मुस्कुराहट, स्मित

 

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बादे-फना फिजूल है नामोनिशां की फिक्र,
जब हम नहीं रहे तो रहेगा मजार क्या?


1.बादे-फना - मृत्यु के बाद

 

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