शेर-ओ-शायरी

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महवे-तलाशे-राहत तू यह भी जानता है,
कहते हैं जिसको राहत वह गम की इन्तिहा है।

-'अफसर' मेरठी


1.महवे-तलाशे-राहत - सुख-चैन की तलाश में लीन


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मिटता है फौते-फुर्सते-हस्ती का गम कोई,
उम्रे-अजीज सर्फे-इबादत ही क्यों न हो?

-मिर्जा 'गालिब'


1.फौते-फुर्सते-हस्ती- जीवन की सूक्षम अवधि का खत्म होना

2. उम्रे-अजीज- प्यारी उम्र 3.सर्फे-इबादत - पूजा या उपासना या

आराधना करने में व्यतीत
 

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मिल गया आखिर निशाने-मंजिले-मकसूद मगर,
अब यह रोना है कि शौके-जुस्तजू जाता रहा।

-'अर्श' मल्सियानी


1.शौके-जुस्तजू - तलाश की चाहत

 

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मुकाम ऐसा इक आता है राहे -जिन्दगानी में,
जहाँ मंजिल भी राहे-कारवां मालूम होती है।

-हबीब अहमद सिद्दकी
 

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