शेर-ओ-शायरी

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यारब यह भेद क्या है कि राहत फिक्र ने,
इन्साँ को और गम में गिरिफ्तार किया है।

-'जोश' मल्सियानी
 

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ये सारी लज्जतें हैं मेरे शौके-नामुकम्मल तक,
कयामत थी अगर पैमाना यह, लबरेज हो जाता।

-'जिगर' मुरादाबादी
 

1. लबरेज - लबालब, ऊपर तक भरा हुआ, परिपूर्ण


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रंगीनिए - हयात बढ़ाने के वास्ते,
पड़ती है हादसों की जरूरत कभी-कभी।


1.रंगीनिए-हयात - जिन्दगी, जीवन
 

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रंज से खूगर हुआ इंसां तो मिट जाता है रंज,
मुश्किलें मुझपर पड़ीं इतनी कि आसां हो गईं।

-मिर्जा 'गालिब'


1.खूगर - आदी, अभ्यस्त


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