शेर-ओ-शायरी

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वर्ना क्या था तर्तीबे-अनासिर के सिवाय,
खाश कुछ बेताबियों का नाम इंसाँ हो गया।

-'जिगर' मुरादाबादी


1.तर्तीबे-अनासिर - पंचभूतों या पंच तत्वों-आग, पानी, हवा, आकाश, मिट्टी- का मेल या इकट्ठा होना 2. बेताबी - व्याकुलता, बेचैनी

 

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वह एक तुम, तुम्हें फूलों पै भी न आई नींद,
वह एक मैं, मुझे कांटों पै भी इज्तिराब न था।

-नैयर अकबराबाजदी


1.इज्तिराब - ब्याकुलता, बेचैनी


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शमअ एक मोम के पैकर के सिवा कुछ भी नहीं,
आग जब तन पै लगाई है तो जान आई है।


1.पैकर - (i) देह, शरीर (ii) आकृति, शक्ल
 

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संवारना है अगर तुमको गुलशने-हस्ती,
तो पहले कांटों में उलझाओ जिन्दगानी को।


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