शेर-ओ-शायरी

आले अहमद सरूर (Aale Ahmad Saroor)

यह गैसुओं की घटाएं,यह लबों के मैखाने,
 
निगाहे-शौक खुदाया कहाँ - कहाँ ठहरे।

 1.
गैसू - बाल, केश 2.लबों - होंठ 3.मैखाने - शराबखाना, मदिरालय 4. निगाहे-शौक - चाहत की निगाह 5. खुदाया - हे ईश्वर, हे खुदा
 

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साहिल के सकूं से किसे इन्कार है लेकिन,
 
तूफान से लड़ने में मजा और ही कुछ है।

 1.
साहिल - किनारा
 

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