शेर-ओ-शायरी

आजिज़ (Aajiz)

चुन लिया औरों ने गुलहाए-मुराद,
 
रह गए दामन ही फैलाने में हम।

 1.
गुलहाए-मुराद - अभिलषित फूल

 

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