शेर-ओ-शायरी

अब्र जोधपुरी (Abr Jodhpuri)

वाय किस्मत आज बज्मे-यार में,
 
  लबकुशा हैं गैर, मैं खामोश हूँ।

 1.
बज्म - महफिल 2.लबकुशा - बात करने वाले, बात करते हुए


 
*****


 
  वस्ल की शब कौन देखेगा उन्हें,
 
हर अदा पर हम तो मर मर जायेंगे।


 1.वस्ल - मिलन, प्रेमी और प्रेमिका का संयोग 2.शब - रात, निशा, रजनी, यामिनी, रात्रि
 

*****