शेर-ओ-शायरी

अब्र अहसनी  (Abr Ahsani)

जहाँ खुद खिज्रे-मंजिल, राहे-मंजिल भूल जाता है,
 हमें आता है उन पुरपेच राहों से गुजर जाना।

1.
खिज्रे-मंजिल - मंजिल का रास्ता दिखाने वाला, मार्गदर्शक, पथप्रदर्शक, रहनुमा 2. पुरपेच - टेढ़ा-मेढ़ा, जटिल, पेचीदा
 

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नासेहों को यह कौन समझाए,
 आशिकी आदमी बनाती है।

1.
नासेह -  नसीहत करने वाला
 

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