शेर-ओ-शायरी

अकबर हैदरी (Akbar Haidari)

खुदाबंदा मेरी गुमराहियों पर दरगुजर फरमां,
मैं उस माहौल में रहता हूँ जिसका नाम दुनिया है।
    

 

1.खुदाबंदा- हे ईश्वर, हे खुदा

2.दरगुजर - नजरअंदाज, दोष देखकर उसे अनदेखा कर देना, चश्मपोशी

 

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  दूरअंदेशियाँ  मुहब्बत की,
बेवफाओं को बावफा कहना।

 

  1.बावफा - नमकहलाल, स्वामिभक्त, वफादार

 

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