शेर-ओ-शायरी

अलम मुजफ्फरनगरी  (Alam Muzaffarnagari)  Next >>

 काँटों की जुबाने-तिश्ना से गुलशन की हकीकत को पूछो,
 
याराने-चमन इन फूलों को तो हंसना, हंसाना आता है।

 1.
तिश्ना - प्यासा, तृषित, पिपासित, अतृप्त 2. याराने-चमन - चमन से दोस्ती करने वाले
 

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खाकसारी का है गाफिल बहुत ऊँचा मर्तबा,
 
यह जमीं वह है जिसमें आसमां कोई नहीं।

 1.
खाकसारी - विनम्रता 2.गाफिल - असावधान,बेखबर 3. मर्तबा - पद,दर्ज़ा
 

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 खुशी, खुशी में, न गम में कोई मलाल मुझे,
 
बना दिया है मुहब्बत ने बेमिसाल मुझे।


 1.मलाल - कष्ट, तकलीफ

 

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 जी भर के तड़प लेने दे उन्हें, रह-रह के उनको जलने दे,
ऐ शम्अ की लौ, ये परवाने, इक रात के मेहमाँ होते हैं।
 

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