शेर-ओ-शायरी

अंजुमन नाज़िमी  (Anjuman Nazimi)  

तमाम उम्र इसी एहतियात में गुजरी,
 
कि आशियाना कहीं शाखे-गुल पर बार नहीं।


 1.शाखे-गुल - फूलों की डाली 2.बार - बोझ, भार
 

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